Wednesday, December 13, 2017

नंगा मुर्गा

मुर्गों की इस नस्ल ने
 कभी उड़ने की कोशिश नहीं की.
वे भूल चुके थे के
पंख उड़ने के भी काम आते हैं.
इन्सानी दिमाग ने इसकी टोह ली
तेल अल्वी की प्रयोगशाला में
पंख विहीन नयी मुर्गे की एक नस्ल
इज़ाद की .
इन्सान को भी तो सिर्फ गोश्त चाहिए.
सो इस नस्ल को इज़ाद किया.
हमारे देश की सियासी प्रयोगशाला में भी
एक कौम ईजाद हो चुकी है
 सत्तर साल पहले- - - - - - 

Monday, December 11, 2017

खौफ

दहशत में हूँ कि
मेरे पड़ोस में रहने वाला कौन हैं?
जो
धर्म - जाति के नाम पर मुझे खत्म करने पर आमदा है.
अमीरी - गरीबी की शह पर मारने को आतुर है.
शहरी - देहात की बिना पर बेदखल करने को बेसब्र है.
स्त्री - पुरुष के भेद पर
न्याय - अन्याय के नाम पर मुझे लूटने को बेकरार है
पढ़े लिखे - अनपढ़ की शह पर
मुझ पर जुल्म ढाने को तैयार है.
मै अपने आप को चारों ओर से घिरा पाता हूँ
जैसे अपने आप में राजसमंद हूँ.