बैठा भी रहा हूँ मैं
बैठा भी रहा हूँ मैं
जैसे -
अपनों में अजनबी की तरह ,
फूलों में महक की तरह ,
हवा में खुशबू की तरह,
बेवकूफों में बुद्धिजीवी की तरह ,
आसमान में बादल की तरह ,
भाषण में नींद की तरह ,
रंगों में लाल की तरह ,
बारूद में आग की तरह।
बहोत बढ़िया
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