Tuesday, November 22, 2016

बैठा भी रहा हूँ मैं

                                         बैठा भी रहा हूँ  मैं 

बैठा भी रहा हूँ मैं  
जैसे -
अपनों में अजनबी की तरह ,
फूलों में महक की तरह ,
हवा में खुशबू  की तरह,
बेवकूफों में बुद्धिजीवी की तरह ,
आसमान में बादल  की तरह ,
भाषण में नींद की तरह ,
रंगों में लाल की तरह ,
 बारूद  में आग की तरह। 

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